श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.16.19 
स वेगवति कौन्तेय साम्बो वेगवतीं गदाम्।
चिक्षेप तरसा वीरो व्याविद्धॺ सत्यविक्रम:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
कुन्तीनन्दन! सत्यनिष्ठ वीर साम्ब ने बड़े वेग से अपनी गदा घुमाकर उस वेगवान राक्षस के सिर पर प्रहार किया। 19॥
 
Kuntinandan! Samba, the brave warrior of truth, swung his swift mace with great speed and hit it on the head of the speedy demon. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)