श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  3.16.17 
तस्मिन् विप्रद्रुते क्रूरे शाल्वस्याथ चमूपतौ।
वेगवान्नाम दैतेय: सुतं मेऽभ्यद्रवद् बली॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जब शाल्व का क्रूर सेनापति क्षेमवृद्धि भाग गया, तब वैघन नामक बलवान दैत्य ने मेरे पुत्र पर आक्रमण किया ॥17॥
 
When Shalva's cruel commander Kshemavriddhi fled, a strong demon named Vaeghan attacked my son. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)