श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.16.11 
गृहीत्वा कार्मुकं साम्ब: शाल्वस्य सचिवं रणे।
योधयामास संहृष्ट: क्षेमवृद्धिं चमूपतिम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
साम्ब ने प्रसन्नता से भरकर अपना धनुष उठाया और शाल्व के मंत्री एवं सेनापति क्षेम वृद्धि से युद्ध किया।
 
Samba, filled with joy, took up his bow and fought with Shalva's minister and general Kshema Vriddhi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)