श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.16.1 
वासुदेव उवाच
तां तूपयातो राजेन्द्र शाल्व: सौभपतिस्तदा।
प्रभूतनरनागेन बलेनोपविवेश ह॥ १॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - राजन! सौभ विमान के स्वामी राजा शाल्व अपनी अत्यन्त विशाल सेना के साथ, जिसमें बहुत से हाथी सवार और पैदल सैनिक सम्मिलित थे, द्वारकापुरी पर आक्रमण करके उसके निकट ठहर गए॥1॥
 
Lord Krishna says - King! King Shalva, the owner of the Saubha aircraft, along with his very large army, which included a large number of elephant riders and infantry, attacked Dwarkapuri and stayed near it. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)