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mahabharat 3.159.31: हे पाण्डवों! अर्जुन से मिलने तक तुम सब लोग यहीं (सनन्द) निवास करो और ऋषियों के रसीले फलों का भोग करो॥31॥   |   mahabharat अध्याय 3.159: प्रश्नके रूपमें आर्ष्टिषेणका युधिष्ठिरके प्रति उपदेश   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 159: प्रश्नके रूपमें आर्ष्टिषेणका युधिष्ठिरके प्रति उपदेश  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.159.31 
भुञ्जाना मुनिभोज्यानि रसवन्ति फलानि च।
वसध्वं पाण्डवश्रेष्ठा यावदर्जुनदर्शनात्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
हे पाण्डवों! अर्जुन से मिलने तक तुम सब लोग यहीं (सनन्द) निवास करो और ऋषियों के रसीले फलों का भोग करो॥31॥
 
Great Pandavas! Until you meet Arjun, all of you reside here (Sananda), enjoying the edible juicy fruits of sages. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)