Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.159.27: यक्षों और राक्षसों के स्वामी कुबेर जब इस कैलाश शिखर पर विराजमान होते हैं, तब वे उदित होते सूर्य के समान शोभायमान होते हैं। उस अवसर पर समस्त प्राणी उन्हें देखते हैं॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 3.159: प्रश्नके रूपमें आर्ष्टिषेणका युधिष्ठिरके प्रति उपदेश । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यक्षों और राक्षसों के स्वामी कुबेर जब इस कैलाश शिखर पर विराजमान होते हैं, तब वे उदित होते सूर्य के समान शोभायमान होते हैं। उस अवसर पर समस्त प्राणी उन्हें देखते हैं॥ 27॥
When Kubera, the lord of the Yakshas and demons, sits on this Kailash peak, he looks as beautiful as the rising sun. On that occasion, all living beings see him.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥