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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 159: प्रश्नके रूपमें आर्ष्टिषेणका युधिष्ठिरके प्रति उपदेश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  3.159.17 
कामिन: सह कान्ताभि: परस्परमनुव्रता:।
दृश्यन्ते शैलशृङ्गस्था यथा किम्पुरुषा नृप॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! किंपुरुष जाति के बहुत से पुरुष यहाँ आकर अपनी स्त्रियों के साथ आसक्त होकर क्रीड़ा करते हैं और पर्वत शिखरों पर विचरण करते हुए दिखाई देते हैं।
 
King! Many men of the Kimpurusha caste come here to play with their women in an enamored state and are seen roaming around on the mountain peaks.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)