‘भृंगराज, उपचक्र (चक्रवाक) और लोहपृष्ठ (कंक) नामक पक्षी ऐसी मधुर भाषा बोलते हैं कि वे समस्त प्राणियों के मन को मोहित कर लेते हैं।
‘The birds named Bhringraj, Upachakra (Chakravaka) and Lohprishtha (Kank) speak in such sweet language that they captivate the minds of all creatures. 89 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥