Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.157.d2-53: भीमसेन उससे युद्ध करने के लिए दृढ़ हो गए और राक्षस भी चिंतामुक्त होकर उनसे युद्ध करने को उद्यत हो गया। उस समय दोनों में भयंकर युद्ध छिड़ गया। यह देखकर माद्रीपुत्र नकुल और सहदेव अत्यंत क्रोधित होकर उसकी ओर दौड़े। | mahabharat अध्याय 3.157: जटासुरके द्वारा द्रौपदीसहित युधिष्ठिर,नकुल, सहदेवका हरण तथा भीमसेनद्वारा जटासुरका वध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन उससे युद्ध करने के लिए दृढ़ हो गए और राक्षस भी चिंतामुक्त होकर उनसे युद्ध करने को उद्यत हो गया। उस समय दोनों में भयंकर युद्ध छिड़ गया। यह देखकर माद्रीपुत्र नकुल और सहदेव अत्यंत क्रोधित होकर उसकी ओर दौड़े।
Bhimasena stood firm to fight him and the demon too became free from worry and desired to fight with him. At that time a fierce fight started between the two. Seeing this, Madriputra Nakula and Sahadeva ran towards him in great anger.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥