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mahabharat 3.157.59: बलवानों में श्रेष्ठ वे दोनों वीर अपनी जाँघों के प्रहार से बड़े-बड़े वृक्षों को तोड़ डालते थे और एक-दूसरे पर क्रोधित होकर एक-दूसरे को मार डालने की इच्छा रखते थे ॥ 59॥   |   mahabharat अध्याय 3.157: जटासुरके द्वारा द्रौपदीसहित युधिष्ठिर,नकुल, सहदेवका हरण तथा भीमसेनद्वारा जटासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 157: जटासुरके द्वारा द्रौपदीसहित युधिष्ठिर,नकुल, सहदेवका हरण तथा भीमसेनद्वारा जटासुरका वध  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  3.157.59 
बभञ्जतुर्महावृक्षानूरुभिर्बलिनां वरौ।
अन्योन्येनाभिसंरब्धौ परस्परवधैषिणौ॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
बलवानों में श्रेष्ठ वे दोनों वीर अपनी जाँघों के प्रहार से बड़े-बड़े वृक्षों को तोड़ डालते थे और एक-दूसरे पर क्रोधित होकर एक-दूसरे को मार डालने की इच्छा रखते थे ॥ 59॥
 
Those two heroes, the best among the strong, used to break big trees with the thrust of their thighs and were angry with each other and desired to kill each other. ॥ 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)