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mahabharat 3.157.49: 'युद्ध में तुमने जिन राक्षसों को मारा है, उन सबका नाम मैंने सुना है। आज मैं तुम्हारे रक्त से उनकी आहुति दूँगा।॥49॥   |   mahabharat अध्याय 3.157: जटासुरके द्वारा द्रौपदीसहित युधिष्ठिर,नकुल, सहदेवका हरण तथा भीमसेनद्वारा जटासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 157: जटासुरके द्वारा द्रौपदीसहित युधिष्ठिर,नकुल, सहदेवका हरण तथा भीमसेनद्वारा जटासुरका वध  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  3.157.49 
श्रुता मे राक्षसा ये ये त्वया विनिहता रणे।
तेषामद्य करिष्यामि तवास्रेणोदकक्रियाम्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
'युद्ध में तुमने जिन राक्षसों को मारा है, उन सबका नाम मैंने सुना है। आज मैं तुम्हारे रक्त से उनकी आहुति दूँगा।॥49॥
 
'I have heard the names of all the demons you have killed in the war. Today I will offer them oblations using your blood.॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)