Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.156.7: 'मैंने इन महात्माओं के साथ सुन्दर पर्वतों में तथा सम्पूर्ण सरोवरों में, विशेषतः परम पुण्यमय समुद्र के जल में भली-भाँति स्नान किया है। 7॥ | mahabharat अध्याय 3.156: पाण्डवोंका आकाशवाणीके आदेशसे पुन: नर-नारायणाश्रममें लौटना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पर्वतेषु च रम्येषु सर्वेषु च सरस्सु च।
उदधौ च महापुण्ये सूपस्पृष्टं महात्मभि:॥ ७॥
अनुवाद
'मैंने इन महात्माओं के साथ सुन्दर पर्वतों में तथा सम्पूर्ण सरोवरों में, विशेषतः परम पुण्यमय समुद्र के जल में भली-भाँति स्नान किया है। 7॥
'I have thoroughly bathed and bathed with these Mahatmas in the beautiful mountains and in all the lakes, especially in the waters of the most virtuous ocean. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥