श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 156: पाण्डवोंका आकाशवाणीके आदेशसे पुन: नर-नारायणाश्रममें लौटना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.156.12 
इमं वैश्रवणावासं पुण्यं सिद्धनिषेवितम्।
कथं भीम गमिष्यामो गतिरन्तरधीयताम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन! सिद्धों से सेवित यह पवित्र भूमि कुबेर का निवासस्थान है। अब हम कुबेर के महल में कैसे प्रवेश करेंगे? इसका कोई उपाय सोचो।॥12॥
 
'Bhimsena! This holy land, which is served by the Siddhas, is the abode of Kubera. Now how will we enter Kubera's palace? Think of a way for this.'॥12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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