श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 156: पाण्डवोंका आकाशवाणीके आदेशसे पुन: नर-नारायणाश्रममें लौटना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.156.10 
विशाला बदरी दृष्टा नरनारायणाश्रम:।
दिव्या पुष्करिणी दृष्टा सिद्धदेवर्षिपूजिता॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘मैंने भगवान नारायण के आश्रम, विशाल बद्री तीर्थ तथा सिद्धों एवं ऋषियों द्वारा पूजित दिव्य सरोवर का भी दर्शन किया।॥10॥
 
‘I also visited the huge Badri Tirtha, the ashram of Lord Narayana and the divine lake worshipped by the Siddhas and sages.॥ 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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