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mahabharat 3.154.23: शत्रुओं पर विजय पाने वाले भीम ने इन्द्र के समान पराक्रम प्रदर्शित करके दैत्यों और दानवों को युद्ध में परास्त किया और उस सरोवर में प्रवेश करके इच्छानुसार कमल एकत्रित करने लगे॥23॥   |   mahabharat अध्याय 3.154: भीमसेनके द्वारा क्रोधवश नामक राक्षसोंकी पराजय और द्रौपदीके लिये सौगन्धिक कमलोंका संग्रह करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 154: भीमसेनके द्वारा क्रोधवश नामक राक्षसोंकी पराजय और द्रौपदीके लिये सौगन्धिक कमलोंका संग्रह करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.154.23 
स शक्रवद् दानवदैत्यसङ्घान्
विक्रम्य जित्वा च रणेऽरिसङ्घान्।
विगाह्य तां पुष्करिणीं जितारि:
कामाय जग्राह ततोऽम्बुजानि॥ २३॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं पर विजय पाने वाले भीम ने इन्द्र के समान पराक्रम प्रदर्शित करके दैत्यों और दानवों को युद्ध में परास्त किया और उस सरोवर में प्रवेश करके इच्छानुसार कमल एकत्रित करने लगे॥23॥
 
Bhima, victorious over the enemy, displayed bravery like Indra and defeated the demons and demons in the battle and entered that lake and started collecting lotuses as per his wish. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)