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mahabharat 3.154.15: लेकिन भीम, जो अत्यंत वीर और शक्तिशाली थे, उन सभी राक्षसों की परवाह न करते हुए जलाशय में कूद गए। यह देखकर सभी राक्षस उन्हें रोकने के लिए चिल्लाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.154: भीमसेनके द्वारा क्रोधवश नामक राक्षसोंकी पराजय और द्रौपदीके लिये सौगन्धिक कमलोंका संग्रह करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.154.15 
कदर्थीकृत्य तु स तान् राक्षसान् भीमविक्रम:।
व्यगाहत महातेजास्ते तं सर्वे न्यवारयन्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
लेकिन भीम, जो अत्यंत वीर और शक्तिशाली थे, उन सभी राक्षसों की परवाह न करते हुए जलाशय में कूद गए। यह देखकर सभी राक्षस उन्हें रोकने के लिए चिल्लाने लगे।
 
But Bhima, who was extremely brave and powerful, ignored all those demons and jumped into the water body. Seeing this, all the demons shouted to stop him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)