Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.153.4: वह सरोवर अत्यंत सुंदर, मनोहर जल से परिपूर्ण, पर्वत शिखरों के झरनों से उत्पन्न, देखने में विचित्र, लोगों के लिए शुभ और अद्भुत दृश्य से सुशोभित था॥4॥ | mahabharat अध्याय 3.153: क्रोधवश नामक राक्षसोंका भीमसेनसे सरोवरके निकट आनेका कारण पूछना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह सरोवर अत्यंत सुंदर, मनोहर जल से परिपूर्ण, पर्वत शिखरों के झरनों से उत्पन्न, देखने में विचित्र, लोगों के लिए शुभ और अद्भुत दृश्य से सुशोभित था॥4॥
That lake was extremely beautiful, full of lovely water, originated from springs of mountain peaks, strange to look at, auspicious for the people and decorated with wonderful sight. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥