Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.153.14: वे इस प्रकार बातचीत करने लगे - 'देखो, यह पुरुषश्रेष्ठ मृगचर्म ओढ़े हुए है, फिर भी इसके हाथ में शस्त्र है। इससे पूछो कि यह किस प्रयोजन से यहाँ आया है।'॥14॥ | mahabharat अध्याय 3.153: क्रोधवश नामक राक्षसोंका भीमसेनसे सरोवरके निकट आनेका कारण पूछना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे इस प्रकार बातचीत करने लगे - 'देखो, यह पुरुषश्रेष्ठ मृगचर्म ओढ़े हुए है, फिर भी इसके हाथ में शस्त्र है। इससे पूछो कि यह किस प्रयोजन से यहाँ आया है।'॥14॥
They conversed like this - 'Look, this best of men is covered with deerskin but still has a weapon in his hand. Ask him the purpose for which he has come here.'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥