श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 151: श्रीहनुमान‍्जीका भीमसेनको आश्वासन और विदा देकर अन्तर्धान होना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.151.14 
सनाथा: पाण्डवा: सर्वे त्वया नाथेन वीर्यवन्।
तवैव तेजसा सर्वान् विजेष्यामो वयं परान्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी योद्धा! आप जैसे नाथ (रक्षक) को पाकर सभी पाण्डव सुरक्षित हैं। आपके प्रभाव से ही हम अपने समस्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे।॥14॥
 
'Powerful warrior! All the Pandavas are safe after getting a Nath (protector) like you. Due to your influence only we will conquer all our enemies.'॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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