Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.150.48: बुद्धिपूर्वक विचार करके अपने शरणागत और शुभ कर्म करने वाले मनुष्यों पर दया करनी चाहिए और मर्यादा तोड़ने वाले दुष्ट मनुष्यों को दण्ड देना चाहिए ॥48॥ | mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धिपूर्वक विचार करके अपने शरणागत और शुभ कर्म करने वाले मनुष्यों पर दया करनी चाहिए और मर्यादा तोड़ने वाले दुष्ट मनुष्यों को दण्ड देना चाहिए ॥48॥
After thinking wisely, one should show mercy to the people who take refuge in Him and do good deeds and punish the evil people who break the decorum. 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥