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mahabharat 3.150.46: राजा को चाहिए कि धार्मिक कार्यों के लिए धार्मिक पुरुषों को, आर्थिक कार्यों के लिए अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों को, स्त्रियों की देखभाल के लिए नपुंसकों को तथा कठिन कार्यों के लिए क्रूर स्वभाव वाले लोगों को नियुक्त करे ॥ 46॥   |   mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान‍्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.150.46 
धार्मिकान् धर्मकार्येषु अर्थकार्येषु पण्डितान्।
स्त्रीषु क्लीबान्नियुञ्जीत क्रूरान् क्रूरेषु कर्मसु॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
राजा को चाहिए कि धार्मिक कार्यों के लिए धार्मिक पुरुषों को, आर्थिक कार्यों के लिए अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों को, स्त्रियों की देखभाल के लिए नपुंसकों को तथा कठिन कार्यों के लिए क्रूर स्वभाव वाले लोगों को नियुक्त करे ॥ 46॥
 
The king should employ religious men for religious tasks, experts in economics for economic tasks, eunuchs for looking after women and people with a cruel nature for difficult tasks. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)