Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.150.45: गुप्त मंत्रणा केवल विद्वानों से ही करनी चाहिए । कार्य केवल शक्तिशाली व्यक्तियों से ही कराना चाहिए । नीति-कार्य स्नेही व्यक्तियों से ही कराना चाहिए । मूर्खों को सभी कार्यों से दूर रखना चाहिए । 45॥ | mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गुप्त मंत्रणा केवल विद्वानों से ही करनी चाहिए । कार्य केवल शक्तिशाली व्यक्तियों से ही कराना चाहिए । नीति-कार्य स्नेही व्यक्तियों से ही कराना चाहिए । मूर्खों को सभी कार्यों से दूर रखना चाहिए । 45॥
Secret consultations should be held only with scholars. Work should be done only by those who are powerful. The work of applying the policy should be done by those who are affectionate. Fools should be kept away from all work. 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥