Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.150.42: राजाओं को चाहिए कि वे निम्नलिखित में से किसी एक नीति का प्रयोग करके अपना कार्य पूरा करें - साम (शांति), दान (उपहार), भेद (बेईमानी), दण्ड (दंड) और उपेक्षा (बेईमानी)। ॥42॥ | mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजाओं को चाहिए कि वे निम्नलिखित में से किसी एक नीति का प्रयोग करके अपना कार्य पूरा करें - साम (शांति), दान (उपहार), भेद (बेईमानी), दण्ड (दंड) और उपेक्षा (बेईमानी)। ॥42॥
Kings should accomplish their tasks by using either one or the other of the following policies: Sama (peace), Daana (gift), Bhed (dishonesty), Danda (punishment) and Upeksha (dishonesty). ॥42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥