Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.150.34: द्विजातियों का मुख्य धर्म सत्य (सत्य भाषण, सत्य आचरण, सद्भाव) है। यह धर्म का एक मुख्य लक्षण है। यज्ञ, स्वाध्याय और दान - ये तीन धर्म द्विजामात्र के सामान्य धर्म माने गए हैं। 34॥ | mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्विजातियों का मुख्य धर्म सत्य (सत्य भाषण, सत्य आचरण, सद्भाव) है। यह धर्म का एक मुख्य लक्षण है। यज्ञ, स्वाध्याय और दान - ये तीन धर्म द्विजामात्र के सामान्य धर्म माने गए हैं। 34॥
The main religion of the Dwijatis is Satya (truthful speech, truthful behavior, harmony). This is a main characteristic of religion. Yagya, self-study and charity – these three religions are considered the common religions of Dwijamatra. 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥