Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.150.33: यदि ये लोग वार्ता-धर्म (कृषि, गोरक्षा और वाणिज्य) में संलग्न न हों, तो इनका नाश हो जाएगा। इन तीनों में उचित प्रवृत्ति रखकर लोग अपने धर्म का पालन करते हैं॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि ये लोग वार्ता-धर्म (कृषि, गोरक्षा और वाणिज्य) में संलग्न न हों, तो इनका नाश हो जाएगा। इन तीनों में उचित प्रवृत्ति रखकर लोग अपने धर्म का पालन करते हैं॥ 33॥
If these people do not engage in Varta-Dharma (agriculture, cow protection and commerce) then they will be destroyed. By having proper inclination towards these three, the people perform their Dharma.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥