Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.150.14: 'वीर! आज मुझे बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि तुम्हारे निकट रहते हुए भी भगवान राम ने स्वयं रावण का सामना किया॥ 14॥   |   mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान‍्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 150: श्रीहनुमान‍्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.150.14 
विस्मयश्चैव मे वीर सुमहान् मनसोऽद्य वै।
यद् रामस्त्वयि पार्श्वस्थे स्वयं रावणमभ्यगात्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'वीर! आज मुझे बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि तुम्हारे निकट रहते हुए भी भगवान राम ने स्वयं रावण का सामना किया॥ 14॥
 
'Veer! Today I am very surprised that despite being near you, Lord Rama himself confronted Ravana.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)