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mahabharat 3.150.1: भीमसेन बोले - हे महाबाण! मैं आपके पूर्व रूप का दर्शन किए बिना नहीं जाऊँगा। यदि मैं आपकी कृपा का पात्र हूँ, तो कृपया मुझे अपना दर्शन दीजिए॥1॥   |   mahabharat अध्याय 3.150: श्रीहनुमान‍्जीके द्वारा भीमसेनको अपने विशाल रूपका प्रदर्शन और चारों वर्णोंके धर्मोंका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.150.1 
भीमसेन उवाच
पूर्वरूपमदृष्ट्वा ते न यास्यामि कथंचन।
यदि तेऽहमनुग्राह्यो दर्शयात्मानमात्मना॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन बोले - हे महाबाण! मैं आपके पूर्व रूप का दर्शन किए बिना नहीं जाऊँगा। यदि मैं आपकी कृपा का पात्र हूँ, तो कृपया मुझे अपना दर्शन दीजिए॥1॥
 
Bhimasena said - O great monkey! I will not go without seeing your previous form. If I am worthy of your kindness, then please reveal yourself to me.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)