Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.15.5: द्वारकापुरी में सर्वत्र ध्वजाएँ लहरा रही थीं। चारों दिशाओं में ऊँचे गोपुरम सजाए गए थे। जगह-जगह सैनिकों की टोलियाँ युद्ध के लिए तैयार थीं। आत्मरक्षा हेतु सैनिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए जगह-जगह मीनारें बनाई गई थीं। वहाँ युद्ध-सामग्री स्थापित की गई थी; और सुरंगों के माध्यम से नए मार्ग बनाने के कार्य में भी बहुत से लोग लगे हुए थे। | mahabharat अध्याय 3.15: सौभनाशकी विस्तृत कथाके प्रसंगमें द्वारकामें युद्धसम्बन्धी रक्षात्मक तैयारियोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्वारकापुरी में सर्वत्र ध्वजाएँ लहरा रही थीं। चारों दिशाओं में ऊँचे गोपुरम सजाए गए थे। जगह-जगह सैनिकों की टोलियाँ युद्ध के लिए तैयार थीं। आत्मरक्षा हेतु सैनिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए जगह-जगह मीनारें बनाई गई थीं। वहाँ युद्ध-सामग्री स्थापित की गई थी; और सुरंगों के माध्यम से नए मार्ग बनाने के कार्य में भी बहुत से लोग लगे हुए थे।
Flags were fluttering everywhere in Dwarkapuri. High gopurams were decorated there in all the four directions. Groups of soldiers were ready for war at various places. Towers were built at various places to facilitate the soldiers to fight in self-defense. War equipment was installed there; and many people were also engaged in the work of making new routes through tunnels.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥