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एवं सुविहिता राजन् द्वारका भूरिदक्षिणा।
आहुकेन सुगुप्ता च राज्ञा राजीवलोचन॥ २३॥
अनुवाद
कमलनयन राजन! द्वारका नगरी की सुरक्षा के लिए ऐसी व्यवस्था की गई थी, जहाँ अनेक योग्य पुरुष निवास करते थे। राजा उग्रसेन ने उसकी अच्छी सुरक्षा की थी।
Kamalnayan Rajan! Such arrangements were made for the protection of the city of Dwarka, where many capable men resided. It was well protected by King Ugrasen.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि अर्जुनाभिगमनपर्वणि सौभवधोपाख्याने पञ्चदशोऽध्याय:॥ १५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत अर्जुनाभिगमनपर्वमें सौभवधविषयक पंद्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥