Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.15.21: महाबाहो! उस समय सेना के प्रत्येक सैनिक को उसका पूरा वेतन और भत्ता दिया जाता था। सभी को नये-नये हथियार और वस्त्र दिये जाते थे तथा उन्हें विशेष पुरस्कार आदि देकर उनका प्रेम और विश्वास प्राप्त किया जाता था॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 3.15: सौभनाशकी विस्तृत कथाके प्रसंगमें द्वारकामें युद्धसम्बन्धी रक्षात्मक तैयारियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 15: सौभनाशकी विस्तृत कथाके प्रसंगमें द्वारकामें युद्धसम्बन्धी रक्षात्मक तैयारियोंका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.15.21 
दत्तवेतनभक्तं च दत्तायुधपरिच्छदम्।
कृतोपधानं च तदा बलमासीन्महाभुज॥ २१॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! उस समय सेना के प्रत्येक सैनिक को उसका पूरा वेतन और भत्ता दिया जाता था। सभी को नये-नये हथियार और वस्त्र दिये जाते थे तथा उन्हें विशेष पुरस्कार आदि देकर उनका प्रेम और विश्वास प्राप्त किया जाता था॥ 21॥
 
Mahabaho! At that time every soldier of the army was paid his full salary and allowance. Everyone was given new weapons and clothes and their love and trust was gained by giving them special rewards etc.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)