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mahabharat 3.15.2: भगवान श्रीकृष्ण ने कहा- महाबाहो! नरेश्वर! भरतश्रेष्ठ! श्रुतश्रवा* के पुत्र शिशुपाल की मृत्यु का समाचार सुनकर शाल्व ने द्वारकापुरी पर आक्रमण कर दिया। 2॥   |   mahabharat अध्याय 3.15: सौभनाशकी विस्तृत कथाके प्रसंगमें द्वारकामें युद्धसम्बन्धी रक्षात्मक तैयारियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.15.2 
वासुदेव उवाच
हतं श्रुत्वा महाबाहो मया श्रौतश्रवं नृप।
उपायाद् भरतश्रेष्ठ शाल्वो द्वारवतीं पुरीम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा- महाबाहो! नरेश्वर! भरतश्रेष्ठ! श्रुतश्रवा* के पुत्र शिशुपाल की मृत्यु का समाचार सुनकर शाल्व ने द्वारकापुरी पर आक्रमण कर दिया। 2॥
 
Lord Shri Krishna said – Great arms! Nareshwar! Bharatshrestha! Hearing the news of the death of Shishupal, son of Shrutashrava*, Shalva attacked Dwarkapuri. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)