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mahabharat 3.15.14: यादवों ने, जो धन की रक्षा कर रहे थे, शीघ्र ही भारत के भीतरी इलाकों से आये अभिनेताओं, नर्तकों और गायकों को शहर से बाहर निकाल दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.15: सौभनाशकी विस्तृत कथाके प्रसंगमें द्वारकामें युद्धसम्बन्धी रक्षात्मक तैयारियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 15: सौभनाशकी विस्तृत कथाके प्रसंगमें द्वारकामें युद्धसम्बन्धी रक्षात्मक तैयारियोंका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.15.14 
आनर्ताश्च तथा सर्वे नटा नर्तकगायना:।
बहिर्निर्वासिता: क्षिप्रं रक्षद्भिर्वित्तसंचयम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यादवों ने, जो धन की रक्षा कर रहे थे, शीघ्र ही भारत के भीतरी इलाकों से आये अभिनेताओं, नर्तकों और गायकों को शहर से बाहर निकाल दिया।
 
The Yadavas, who were protecting the wealth, soon drove out the actors, dancers and singers from inland India from the city. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)