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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 149: हनुमान्जीके द्वारा चारों युगोंके धर्मोंका वर्णन
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श्लोक 38
श्लोक
3.149.38
एतत् कलियुगं नाम अचिराद् यत् प्रवर्तते।
युगानुवर्तनं त्वेतत् कुर्वन्ति चिरजीविन:॥ ३८॥
अनुवाद
यह शीघ्र आने वाले कलियुग का वर्णन है। अमर लोग भी इसी प्रकार युग का अनुसरण करते हैं ॥38॥
This is the description of the Kali Yuga which is coming soon. Even the immortals follow the Yuga in this manner. ॥38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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