Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.149.22: यह योग नामक धर्म, जो मन को ईश्वर में स्थिर करके उसके साथ एकता प्राप्त करने में सहायक है, सत्ययुग का द्योतक है। सत्ययुग में चारों वर्णों वाला यह सनातन धर्म अपने चारों चरणों सहित पूर्ण रूप में विद्यमान था॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 3.149: हनुमान्जीके द्वारा चारों युगोंके धर्मोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह योग नामक धर्म, जो मन को ईश्वर में स्थिर करके उसके साथ एकता प्राप्त करने में सहायक है, सत्ययुग का द्योतक है। सत्ययुग में चारों वर्णों वाला यह सनातन धर्म अपने चारों चरणों सहित पूर्ण रूप में विद्यमान था॥ 22॥
This religion called Yoga, which helps one to establish one's thoughts in God and achieve unity with Him, is indicative of the Satya Yuga. In the Satya Yuga, this Sanatan Dharma of the four Varnas was present in its complete form with all its four stages.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥