Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.149.16: कहीं कोई झगड़ा-फसाद नहीं था, न ही वे आलसी थे। न कोई द्वेष, न चुगली, न भय, न क्रोध, न ईर्ष्या, न द्वेष था।   |   mahabharat अध्याय 3.149: हनुमान‍्जीके द्वारा चारों युगोंके धर्मोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 149: हनुमान‍्जीके द्वारा चारों युगोंके धर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.149.16 
न विग्रह: कुतस्तन्द्री न द्वेषो न च पैशुनम्।
न भयं नापि संतापो न चेर्ष्या न च मत्सर:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
कहीं कोई झगड़ा-फसाद नहीं था, न ही वे आलसी थे। न कोई द्वेष, न चुगली, न भय, न क्रोध, न ईर्ष्या, न द्वेष था।
 
There was no quarrel or quarrel anywhere, nor were they lazy. There was no hatred, backbiting, fear, anger, jealousy or envy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)