श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 148: हनुमान‍्जीका भीमसेनको संक्षेपसे श्रीरामका चरित्र सुनाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.148.4 
ततो वानरकोटीभि: सहितोऽहं नरर्षभ।
सीतां मार्गन् महाबाहो प्रयातो दक्षिणां दिशम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! हे महाबाहो! उस समय मैं भी करोड़ों वानरों के साथ सीता की खोज में दक्षिण दिशा की ओर गया था॥4॥
 
O best of men! O mighty-armed one! At that time, along with millions of monkeys, I too went towards the south in search of Sita. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)