श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 148: हनुमान‍्जीका भीमसेनको संक्षेपसे श्रीरामका चरित्र सुनाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.148.2 
तेन तस्याभवत् सख्यं राघवस्य महात्मन:।
स हत्वा वालिनं राज्ये सुग्रीवमभिषिक्तवान्॥ २॥
 
 
अनुवाद
वहाँ महात्मा श्री रघुनाथजी की सुग्रीव से मित्रता हुई, फिर उन्होंने बालि का वध करके सुग्रीव को किष्किन्धा का राजा अभिषिक्त किया॥ 2॥
 
There Mahatma Shri Raghunathji became friends with Sugreeva. Then he killed Vali and anointed Sugreeva as the king of Kishkinda.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)