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mahabharat 3.147.8: भीमसेन बोले - निर्गुण परमात्मा सभी प्राणियों के शरीर में विद्यमान है। उसे केवल ज्ञान से ही जाना जा सकता है। मैं उसका अपमान या उल्लंघन नहीं करूँगा॥8॥   |   mahabharat अध्याय 3.147: श्रीहनुमान् और भीमसेनका संवाद   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 147: श्रीहनुमान् और भीमसेनका संवाद  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.147.8 
भीम उवाच
निर्गुण: परमात्मा तु देहं व्याप्यावतिष्ठते।
तमहं ज्ञानविज्ञेयं नावमन्ये न लङ्घये॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन बोले - निर्गुण परमात्मा सभी प्राणियों के शरीर में विद्यमान है। उसे केवल ज्ञान से ही जाना जा सकता है। मैं उसका अपमान या उल्लंघन नहीं करूँगा॥8॥
 
Bhimsena said - Nirguna Parmatma is present in the body of all living beings. He can be known only through knowledge. I will not insult or violate him.॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)