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mahabharat 3.147.16: हनुमानजी ने कहा- अनघ! मुझ पर दया करो। बुढ़ापे के कारण मुझमें उठने की शक्ति नहीं रही। अतः मुझ पर दया करो और इस पूंछ को हटाकर चले जाओ॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 3.147: श्रीहनुमान् और भीमसेनका संवाद   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 147: श्रीहनुमान् और भीमसेनका संवाद  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.147.16 
हनूमानुवाच
प्रसीद नास्ति मे शक्तिरुत्थातुं जरयानघ।
ममानुकम्पया त्वेतत् पुच्छमुत्सार्य गम्यताम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हनुमानजी ने कहा- अनघ! मुझ पर दया करो। बुढ़ापे के कारण मुझमें उठने की शक्ति नहीं रही। अतः मुझ पर दया करो और इस पूंछ को हटाकर चले जाओ॥ 16॥
 
Hanumanji said- Anagh! Have mercy on me. Due to old age I have lost the strength to get up. So have mercy on me and remove this tail and go away.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)