Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.146.87: हनुमानजी बोले - भैया! मैं बीमार हूँ और यहाँ आराम से सो रहा था। तुमने मुझे क्यों जगाया? तुम तो ज्ञानी हो। तुम्हें तो सभी प्राणियों पर दया करनी चाहिए। 87. | mahabharat अध्याय 3.146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान्जीसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हनुमानजी बोले - भैया! मैं बीमार हूँ और यहाँ आराम से सो रहा था। तुमने मुझे क्यों जगाया? तुम तो ज्ञानी हो। तुम्हें तो सभी प्राणियों पर दया करनी चाहिए। 87.
Hanumanji said - Brother! I am ill and was sleeping comfortably here. Why did you wake me up? You are wise. You should be kind to all creatures. 87.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥