Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.146.76: उसे देखना बहुत मुश्किल था क्योंकि वह बिजली की तरह चकाचौंध कर रहा था। उसका शरीर बिजली की तरह लाल था। उसकी दहाड़ बिजली की तरह गड़गड़ाहट जैसी थी। वह बिजली की तरह चंचल लग रहा था। 76।   |   mahabharat अध्याय 3.146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  3.146.76 
विद्युत्सम्पातदुष्प्रेक्षं विद्युत्सम्पातपिङ्गलम्।
विद्युत्सम्पातनिनदं विद्युत्सम्पातचञ्चलम्॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
उसे देखना बहुत मुश्किल था क्योंकि वह बिजली की तरह चकाचौंध कर रहा था। उसका शरीर बिजली की तरह लाल था। उसकी दहाड़ बिजली की तरह गड़गड़ाहट जैसी थी। वह बिजली की तरह चंचल लग रहा था। 76।
 
It was very difficult to look at him because he was creating a dazzling light like lightning. His body was red in colour like falling lightning. His roar was like the rumbling of thunder. He appeared to be as fickle as lightning. 76.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)