श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  3.146.74 
स भीमसेनस्तच्छ्रुत्वा सम्प्रहृष्टतनूरुह:।
शब्दप्रभवमन्विच्छंश्चचार कदलीवनम्॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर भीमसेन के रोंगटे खड़े हो गए और वह इसका कारण जानने के लिए केले के बगीचे में घूमने लगे।
 
On hearing this, Bhimasena's hair stood on end and he began to roam around the banana orchard to find out the cause.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)