Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.146.7: 'कुन्तीनन्दन! यदि आपका मुझ पर (विशेष) प्रेम है, तो मेरे लिए ऐसे बहुत से पुष्प लाओ। मैं उन्हें काम्यक वन में अपने आश्रम में ले जाना चाहता हूँ।'॥7॥   |   mahabharat अध्याय 3.146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.146.7 
यदि तेऽहं प्रिया पार्थ बहूनीमान्युपाहर।
तान्यहं नेतुमिच्छामि काम्यकं पुनराश्रमम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'कुन्तीनन्दन! यदि आपका मुझ पर (विशेष) प्रेम है, तो मेरे लिए ऐसे बहुत से पुष्प लाओ। मैं उन्हें काम्यक वन में अपने आश्रम में ले जाना चाहता हूँ।'॥7॥
 
'Kuntinandan! If you have (special) love for me, then bring me many such flowers. I want to take them to my ashram in Kamyak forest.'॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)