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mahabharat 3.146.60: बहुत देर तक सरोवर में क्रीड़ा करने के बाद अत्यन्त तेजस्वी भीमसेन जल से बाहर निकले और शीघ्र ही उस केले के वन में जाने के लिए तैयार हुए, जो असंख्य वृक्षों से सुशोभित था।   |   mahabharat अध्याय 3.146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  3.146.60 
विक्रीडॺ तस्मिन् सुचिरमुत्ततारामितद्युति:।
ततोऽध्यगन्तुं वेगेन तद् वनं बहुपादपम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
बहुत देर तक सरोवर में क्रीड़ा करने के बाद अत्यन्त तेजस्वी भीमसेन जल से बाहर निकले और शीघ्र ही उस केले के वन में जाने के लिए तैयार हुए, जो असंख्य वृक्षों से सुशोभित था।
 
After playing in the lake for a long time, the immensely radiant Bhima came out of the water and prepared to quickly go to that banana forest that was adorned with innumerable trees. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)