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तं शब्दं सहसा श्रुत्वा मृगपक्षिसमीरितम्।
जलार्द्रपक्षा विहगा: समुत्पेतु: सहस्रश:॥ ५६॥
अनुवाद
अचानक हिरणों और पक्षियों की भयानक आवाज सुनकर हजारों पक्षी आकाश में उड़ने लगे। उन सभी की आंखें जल से भीग गईं।
Suddenly, hearing the fearful sound of the deer and birds, thousands of birds started flying in the sky. The eyes of all of them were wet with water. 56.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥