Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.146.36-38: द्रौपदी की माँग ही यात्रा के लिए उनका भोजन थी और उसी के साथ वे तीव्र गति से आगे बढ़ रहे थे। वायु के समान वेग से वेगवान वृकोदर अपने पैरों की ध्वनि से पृथ्वी को कंपाते और हाथियों के समूहों को आतंकित करते हुए चलने लगे, जैसे उत्सव के समय होने वाला प्रलय (भूकंप और बिजली)। वे पराक्रमी कुंतीपुत्र सिंह, व्याघ्र और मृगों को कुचलते हुए तथा बड़े-बड़े वृक्षों को उखाड़कर नष्ट करते हुए आगे बढ़ने लगे। पांडवपुत्र भीम अपने वेग से लताओं और लताओं को खींच रहे थे। वे ऊपर-ऊपर जाते हुए ऐसे प्रतीत हो रहे थे मानो कोई राजहासी पर्वत के सबसे ऊँचे शिखर पर चढ़ना चाहता हो। | mahabharat अध्याय 3.146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान्जीसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रौपदी की माँग ही यात्रा के लिए उनका भोजन थी और उसी के साथ वे तीव्र गति से आगे बढ़ रहे थे। वायु के समान वेग से वेगवान वृकोदर अपने पैरों की ध्वनि से पृथ्वी को कंपाते और हाथियों के समूहों को आतंकित करते हुए चलने लगे, जैसे उत्सव के समय होने वाला प्रलय (भूकंप और बिजली)। वे पराक्रमी कुंतीपुत्र सिंह, व्याघ्र और मृगों को कुचलते हुए तथा बड़े-बड़े वृक्षों को उखाड़कर नष्ट करते हुए आगे बढ़ने लगे। पांडवपुत्र भीम अपने वेग से लताओं और लताओं को खींच रहे थे। वे ऊपर-ऊपर जाते हुए ऐसे प्रतीत हो रहे थे मानो कोई राजहासी पर्वत के सबसे ऊँचे शिखर पर चढ़ना चाहता हो।
Draupadi's request was his food for the journey, and he was moving fast with that. As swift as the wind, Vrikodara started moving, shaking the earth with the sound of his feet and terrorizing the herds of elephants, like the havoc (earthquake and lightning) that occurs during the festival. That mighty son of Kunti started moving forward, crushing lions, tigers and deer, and uprooting and destroying big trees with his speed. Pandava's son Bhima was pulling the creepers and vines with his speed. While moving higher and higher, he appeared as if a king elephant wanted to climb the highest peak of the mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥