Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.144.7: महाराज! यह मंद गति वाली देवी कष्ट सहन नहीं कर सकती; फिर भी इसे महान दुःख हुआ है। यात्रा के परिश्रम से यह दुर्बल हो गई है। कृपया आकर इसे सांत्वना दीजिए। | mahabharat अध्याय 3.144: द्रौपदीकी मूर्छा, पाण्डवोंके उपचारसे उसका सचेत होना तथा भीमसेनके स्मरण करनेपर घटोत्कचका आगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अदु:खार्हा परं दु:खं प्राप्तेयं मृदुगामिनी।
आश्वासय महाराज तामिमां श्रमकर्शिताम्॥ ७॥
अनुवाद
महाराज! यह मंद गति वाली देवी कष्ट सहन नहीं कर सकती; फिर भी इसे महान दुःख हुआ है। यात्रा के परिश्रम से यह दुर्बल हो गई है। कृपया आकर इसे सांत्वना दीजिए।
King! This slow-moving goddess is not capable of bearing pain; yet she has suffered a great sorrow. She has become weak due to the exertion of the journey. Please come and console her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥