Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.144.24: हिडिम्बा का पुत्र घटोत्कच भी बहुत वीर है। वह मेरे समान ही बलवान है और आकाश में विचरण कर सकता है। अनघ! यदि आप मुझे आज्ञा दें, तो वह हम सबको अपनी पीठ पर उठाकर ले जाएगा। 24. | mahabharat अध्याय 3.144: द्रौपदीकी मूर्छा, पाण्डवोंके उपचारसे उसका सचेत होना तथा भीमसेनके स्मरण करनेपर घटोत्कचका आगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हैडिम्बश्च महावीर्यो विहगो मद्बलोपम:।
वहेदनघ सर्वान्नो वचनात् ते घटोत्कच:॥ २४॥
अनुवाद
हिडिम्बा का पुत्र घटोत्कच भी बहुत वीर है। वह मेरे समान ही बलवान है और आकाश में विचरण कर सकता है। अनघ! यदि आप मुझे आज्ञा दें, तो वह हम सबको अपनी पीठ पर उठाकर ले जाएगा। 24.
Hidimba's son Ghatotkacha is also very brave. He is as strong as me and can move around in the sky. Anagh! If you give me the order, he will carry us all on his back. 24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥