Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.142.61: उनकी छाती पर श्रीवत्स का चिह्न स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हे देवताओं! ये रोग और शोक से मुक्त भगवान स्वयं वराह रूप में प्रकट हुए हैं। आप सभी लोग उनका दर्शन करें। 61। | mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनकी छाती पर श्रीवत्स का चिह्न स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हे देवताओं! ये रोग और शोक से मुक्त भगवान स्वयं वराह रूप में प्रकट हुए हैं। आप सभी लोग उनका दर्शन करें। 61।
The mark of Shrivatsa is clearly visible on his chest. O Gods! This is the Lord Himself, free from disease and sorrow, who has appeared in the form of Varaha. All of you please see Him. 61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥