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mahabharat 3.142.56: यह सम्पूर्ण पृथ्वी, जो सैकड़ों योजन नीचे धँस गई थी, उसे परमेश्वर श्रीविष्णु ने पुनः ऊपर उठा लिया है ॥ 56॥   |   mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  3.142.56 
यैषा वसुमती कृत्स्ना योजनानां शतं गता।
समुद्‍धृता पुनस्तेन विष्णुना परमात्मना॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
यह सम्पूर्ण पृथ्वी, जो सैकड़ों योजन नीचे धँस गई थी, उसे परमेश्वर श्रीविष्णु ने पुनः ऊपर उठा लिया है ॥ 56॥
 
This entire earth, which had sunk hundreds of yojanas down, has been raised up again by the Supreme Being Sri Vishnu. ॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)